"हाथो की लकिरो में"
"हाथो की लकिरो में"
क्या होता हैं,हातो की लकिरो मे
नसीब नहीं बल्की मेहनत होती हैं
हाथ पे हाथ धरे बैठं मत जाना
क्यो की किस्मत हमेशा सो जाती हैं...
क्या होता है, हातो की लकिरो में
नसीब नहीं बल्की मेहनत होती हैं. !!१!!
सोचने से ना बडलेगी तकदिर कभी
व्यर्थ ना जाए समय जरा भी
खुबसुरत जीवन चाहते हो अगर
तो पार करनी होगी मेहनत की डगर
मेहनत से दूर होती पनौती हैं
नसीब नहीं बल्की मेहनत होती हैं..
!!२!!
जनार्दन बाळा गोरे
छत्रपती संभाजी नगर.
@Janardan
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