"दो शब्द"

 "दो शब्द"

मिठी वाणी ऐसी बोलो

एक एक शब्द को तोलो

 शब्दो से ना हो परेशान कोई

 ऐसी बनाओ एक रसोई !!१!!


तोल मोल के बोलो,

 सब शब्द हैं अनमोल

शब्दो से खुल जाएगी पोल

तोल मोल के बोल..

शब्द.. तोल मोल के बोल !!२!!

मिटता हैं घाव एक दिन

मिठी वाणी से सबकुछ मुमकिन

बोल के सभी कडवी बाते

कभी ना गुजरेगी शांती से राते !!३!! 

मुफ्त में बोलता हुं एक बात

सोच समजकर बोलो हर बात

आज अभी से करो शुरुवात

सुख शांती की होगी बरसात !!४!!

दिनांक १२/१०/२०२२

कवी जनार्दन बाळा गोरे

छत्रपती संभाजी महाराज नगर🙏🙏

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