"धागो का कंगण"

 विषय: "धागो का कंगण"

 बहना का धागो का कंगण

जीसे कहे लोग रक्षाबंधन

मन में विचारो की गुंजन

मनाए सब मिलकर रक्षाबंधन !!1!!


रक्षाबंधन का पावन त्योहार

आए साल में एक बार

रोक ना पायेगी कोई दिवार

देता हुं शुभकामना हजार बार !!2!!


पवित्र एह एक अजोड नाता

भाई बहन में एकजूट लाता

एक हो जाता विचार मंथन

आओ मनाए मिलकर रक्षाबंधन !!3!!


धागो का यह एक कंगण

मीला देता सब घर आंगण

पवित्र नातो का प्यारा जीवन

धागो का कंगण, रक्षाबंधन !!4!!


दिनांक:07/08/2022

कवि: जनार्दन बाळा गोरे औरंगाबाद.

@जनार्दन




कवि: जनार्दन बाळा गोरे औरंगाबाद.

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