"होली का त्योहार"
"होली का त्योहार"
होली हैं त्योहार रंगो का
नये सपने नयी उमंगो का
हर रंग में रंग जाए जिंदगी
बोझ हलका हो हर मन का ||१||
सात रंग इंद्रधनू के पावन
जैसे बरसा हो रंगीला सावन
ओढ के रंगो की हर चादर
चला हर कोई सपने सजाकर ||२||
काम से लेकर थोडीसी फुरसत
भूल जाते सब मन की नफरत
सजते सब चेहरे हर रंगों में
भूल जाते वक्त को बातो बातों में ||३||
सालो साल चली आयी रीत पुरानी
कही शोर तो कही चले छेडखानी
त्योहार होली का बीताओ शांती से
बचो सदा कोई भी अनहोनी से ||४||
होली की हार्दिक शुभकामनाए.
💐💐💐💐💐🌹🌹🌹🌹🌹.
कवी: जनार्दन बाळा गोरे औरंगाबाद.
@जनार्दन.
दिनांक:१८/०३/२०२२
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