"गान सम्राज्ञी
" गान सम्राज्ञी"
सरस्वती का आशिष सर पर
प्रसन्न छटा हमेशा थी मुखपर
"गान सम्राज्ञी"ऐसी ना हो पाएगी
आवाज सदीयो तक हर पल गुंजेगी ||1||
मन को करे आनंद विभोर
सून कर बंद हो जाए शोर
मील जाए शांती हर मन को
श्रद्धांजली अर्पण "गान सम्राज्ञी" को||2||
आवाज ही जीनकी पहचान बनी
गीत की धून करे सबको दिवानी
मेरे वतन जैसे देशभक्ति गीत
देश प्रेम की सिखायी सबको रीत ||3||
लता जी को भावपुर्ण श्रद्धांजली
दे रहा हु अपनी शब्द सुमानांजली
याद करेगा आपको वतन हमेशा
अनेको में सबने आप को तराशा ||4||
दिनांक 07/02/2022
कवी: जनार्दन बाळा गोरे औरंगाबाद.(महाराष्ट्र)
@जनार्दन
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