"शुभ प्रभात"

 "शुभ प्रभात"

बीत गयी काली रात

हो रही रिमझिम बरसात

एक नये दिन की शुरुवात

कहता हुं शूभ प्रभात//१//

साहित्यिक मित्र मंडल को

 शुभ प्रभात🙏🙏🙏

कवि: जनार्दन बाळा गोरे औरंगाबाद.

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