"नारी का हर रूप महान"

 ०४/०८/२०२१

" नारी का हर रूप महान "

कभी अंबा, कभी जगदंबा

कभी लेती शक्ती का रुप

जगत जननी कहे कोई

कोई जाने नारी को लक्ष्मिस्वरुप//१//

कभी बनी पार्वती देवी

करके शंकरजी का ध्यान

सरस्वती का रुप लिए

बाटे जन, जन मे ग्यान//२//

बनके प्रधानमंत्री भारत की

करे कार्य बडे महान

आकाश भ्रमण करके आयी

बनी कल्पना महान//३//

कोयल समान गीत गाकर

लता दीदी ने बढाया मान

राष्ट्रपती भारत की बनी एक नारी

पायलट बनकर भरी उची उडान//४//

माता, बिवी बेटी के रूप लेकर

बाटा हर सुख और दुःख

दिया नारी ने अपने कार्य से

दिखाया अपनेपण का स्वरूप//५//

अपने दम पर लढी एक नारी

जिसका नाम था लक्ष्मी बाई

करके शंकरजी के मंदिरो का निर्माण

वह थी एक नारी अहिल्याबाई//६//

गोरे जनार्दन बाळा.

औरंगाबाद. व्हॉट्स ऍप no.8956663540.

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