"किनारा"

 

"किनारा"

समंदर की लहरो को

जब मिलता किनारा

थम जाती लहरे

जब मिलता एक सहारा//१//

मन की भी होती लहरे 

किनारे की तरहा उछलती

भटकती मन के विश्व मे

जबतक ना मिले मन को शांती//२//

बहती सरिता आधार लेकर

एक किनारे का सदा

साथ नही छोडुंगी कभी

यह करती हमेशा वादा //३//

तुम बन जाओ किनारा

बनो हर दुःखियो का सहारा

रहो डटकर खडे हमेशा

बनो एक दुसरे का सहारा//४//

 कवी: गोरे जनार्दन बाळा.

२२/०७/२०२०.

@जनार्दन.

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