"बारिश का मौसम"
"बारिश का मौसम"
बारिश का मौसम आया
लाया संग पवन के झोके
रिमझिम बरसात लेकर साथ
करने हरे, खेतखलीहान सुखे//१//
जलधारा गाती गीत कोई
चारो ओर धरा रंग लाई
झरने बहते, उछल कुदकर
गाये कोयल,आंख मुंदकर//२//
बारिश का मौसम,मन भावन
मन को भाता खूब सावन
पेड पौधो को मिलता रूप
नटती धरा, खूब लक्ष्मी स्वरूप//३//
बदली छाती चारो तरफ
कही गिरती हलकीसी बरफ
स्वर्ग से सुंदर यह धरती
चारो ओर दिखने लगती//४//
दिनांक:१७/०८/२०२१
कवि: जनार्दन बाळा गोरे.
औरंगाबाद.
@जनार्दन
9421984250.
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