अगर सब आमिर होते तो क्या होता?
अगर सब आमिर होते तो क्या होता? अगर सब आमिर होते तो क्या होता कोई किसिका ना होता अपनी मर्जी का मालिक बनता कोई किसिकी एक ना सूनता||1|| एकदुसरे से कोई ना मिलता सब कोई खुद की मनमर्जी करता छोटा बडा सब नाता भुलाता एक दुसरे को सब रुलाता ||2|| आमिर गरीब कही नाम न होता छोटा बडा कोई काम ना होता कोई उचा ना नीचा होता हर कोई खुद को मालीक समजता||3|| सृष्टी चक्र सारा रूक जाता हवा के झोके पिकर कोई ना जिता इसलिये ईश्र्वर ने किया समझोता हर किसिको दिया काम का न्योता||4|| दिनांक13/12/2021 कवी: जनार्दन बाळा गोरे औरंगाबाद.@जनार्दन©®